fake conversation between me and my parents (on my marriage)
Me (dials my parents’ phone number, mom picks up): Hello..
Mom: Hello. हाँ बेटा, क्या हाल चाल…
Me: सब ठीक है मम्मी. अभी आप फ्री हो?
Mom: हाँ बेटा. बताओ.
Me: पापा हैं पास में?
Mom: हाँ बेटा…क्यूँ, क्या हुआ?
Me: वो थोडा serious बात करनी थी. ज़रा फ़ोन loudspeaker पे लगाओ.
Mom: क्या हुआ बेटा?
Me: आप लगाओ तो…
Mom turns on speaker mode on her phone…dad replies
Dad: क्या हुआ छोटू?
Me: पापा एक बात पूछनी थी…
Dad: पूछ…
Me: पापा, मेरी शादी क्यूँ कराइ?
Dad: क्या मतलब?
Me: मेरी शादी क्यूँ कराइ?
Dead silence over the phone.
Me: आयुषी बता रही थी की मेरी शादी आपने इसलिए करवाई क्युकी मुझे चेन्नई में खाने की बोहोत दिक्कत थी?
Dad: नहीं, नहीं बेटा…
Me (interrupts him): ये बात आपने शादी के पहले भी मुझे कही थी…मुझे लगा आप मज़ाक मज़ाक में कह रहे हो.
Dad: बेटा…
Me (interrupts him): पापा, इतनी से बात के लिए शादी क्यूँ करवाई? नौकरानी रख लेते…अच्छा…free में नौकरानी चाहिए थी.
Dad: बेटा, ऐसा नहीं है…
Me: नहीं, पापा. ऐसा ही है. In-fact, अपने घर में लीला से कम औकात आयुषी की है. एक बार आयुषी ने कुछ कचरा फेंकने के लिए लीला को कहा, तो लीला ने उल्टा पलट के आयुषी को कह दिया की, “तुम क्यों काम दे रही हो? बड़ी भाभी तो कुछ काम नहीं देती.” और कहा भी मम्मी और भाभी के सामने. और मम्मी ने सिर्फ smile दे के टाल दिया, “लीला, घर में हिंदुस्तान पाकिस्तान मत बनाओ” कह के.
Mom: बेटा, आयुषी झूठ बोल रही है, ऐसा कुछ नहीं हुआ…
Me: अच्छा, अच्छा, ठीक है मम्मी. तो मतलब आयुषी ही निभा नहीं पा रही… तो क्या solution किया जाए?
Dead silence over the phone…
Me: पापा, एक काम कर सकते हैं.
Dad (angry, sentimental, and confused): क्या?
Me: Divorce दे देते हैं आयुषी को.
Mom(shouts): बेटा!
Me: और क्या अम्मा, झंझट ख़तम करें. वो भी परेशान है, आप भी परेशान हो. ख़तम करते हैं ना… एक बार अगली ने पापा को Happy Birthday कहा, तो पलट के पापा उसी पे बरस पड़े, “अफवाह मत फैलाओ.” अरे…जन्मदिन मुबारक करना अफवाह फैलाना हो गया? मेरा BP high ho gaya…अपनी बीवी को बताया तो फ़ोन करके आपने उसको बोला दूसरो को न बताए. अपने माँ बाप को बता भी दे तो भी कौनसी अफवाह फ़ैलाने वाली बात हो गयी? कोई भी छोटी मोटी बात हो, इसने तो अफवाह ही फैलानी है. खुद महेश भाटिया जी को घर पे बुला के दुनिया भर का investment करवा लो, तो कुछ नहीं…जन्मदिन मुबारक कर दो, तो “अफवाह मत फैलाना.”
Dad: बेटा हमने ऐसा नहीं कहा…
Me: मेरे सामने हुआ है यार…आप पे कोई कुत्ते को लात मारने का इलज़ाम लगा दे, आप दुनिया पे बरस पड़ते हो. आप लगातार अपनी ही बहु की insult करो, और उम्मीद करो की अगली झेलती रहे…अच्छा, अब समझा…आपने अपने से कमज़ोर घर में अपने से कमज़ोर लड़की से इसीलिए शादी कराइ, ताकि नौकरानी बन के रहे, और जादा सवाल भी न करे.
Dad (fuming): चुप कर!
Me: मेहँदी वाले दिन आपने आयुषी के मुह में laddu इस तरह ठूसा है जैसे खुंदक निकाल रहे हो. Video पे recorded है. शादी के एक महीने पहले जा जा के transfer लेने की जिद्द करी. उसने resignation तक दे दिया था…पर आपके कहने पे उसने resignation वापस लिया और transfer लिया. फिर शादी के एक महीने बाद उसकी नौकरी छुडवा दी. समाज के सामने बड़ी बड़ी बातें की हम progressive हैं, ये हैं, वो हैं, पर असलियत में नौकरानी चाहिए फ्री में.
Dad: अगली शादी के पहले ये कह दे, की डोली लानी हो तो लाना, वरना मत लाना…और हम चुप बैठें. और हमको तुम्हारी वजह से उनपे गुस्सा आया था…इतना ही था, तो खुद करते manage…क्यों बताई ये सारी बातें हमको?
Me: ये बात तब हुई थी जब हफ्ते भर बात नहीं की मैंने उससे. मैंने शादी fix होने पे कहा था की पढाई है…रुक जाओ साल भर. पढाई थी, इसलिए बात नहीं कर पा रहा था. जब हफ्ते भर बात नहीं कर पाया तब उसने ये बात कही थी…वो अपने होने वाले पति को जानना चाहती थी…एक तरह से देखा जाए तो गलती हमारी है…और हमने हड़बड़ी करी थी शादी में. मैंने कहा भी था की साल भर रुक जाओ…किसी ने नहीं मानी.
मैंने अपने मर्ज़ी से शादी इसलिए नहीं करी…क्युकी मैं सोचता था की मेरी पसंद की लड़की से आप लोगो की नहीं बनी तो मैं कहाँ जाऊँगा. पर सच्चाई ये है, की आपकी अपनी पसंद की लड़की से नहीं बन सकती क्युकी आपको बहु चाहिए ही नहीं थी. आपको ये पता ही नहीं है की शादी क्यों करवानी चाहिए… मैं जिन वजहों से लोगो को शादी करने से रोकता हूँ, आप उसका सबूत हो. आप नहीं जानते, जाने अनजाने में हमने एक अच्छी भली लड़की की ज़िन्दगी बर्बाद कर दी इस उम्मीद में की हम नौकरानी लाएंगे बदले में उसको ATM दे देंगे. क्युकी मैं लड़का नहीं हूँ, ATM हूँ, और आयुषी तो नौकरानी है. खाना बनाने के लिए शादी करवाई है आपने. मेरा BP इन सारी बातों से बढ़ा है. क्यूँ शादी करवा दी…? आपने अपनी Ego satisfy करवाने के लिए शादी करवाई मेरी. दुनिया को बताने के लिए की देखो मैं ऐसी कमज़ोर बहु ले के आया क्युकी दुनिया को भी ऐसी कमज़ोर बहु चाहिए…जो नौकरानी की तरह काम करे और वापस जवाब भी न दे. आपने उसके मुह में laddu अपनी power दिखाने के लिए ठूंसा. पहले 18 साल मेरी ज़िन्दगी के आपने अपनी power मुझपे डाली. अपनी इच्छाएं मुझपे लादी. 7 साल मुझे तबले के नाम पे रोज़ दबाया…एक बार तबले का exam देने से मना किया…तो मुझपे इतना चिल्लाए आप…क्युकी आपकी ego hurt हुई. आपको लगा आपका बेटा आपकी की इच्छा को कैसे काट सकता है…एक दिन हम लोग पिक्चर देखने जा रहे थे. बीच में तबले वाले गुरु जी घर जाते हुए दिखे तो बीच सड़क पे आपने गाडी रोकी और गुरु जी के सामने बेईज्ज़ती करी. आप मुझपे चिल्लाए, और बोला “साले, जब तबले वाले गुरु जी को आना था, तो तेरी हिम्मत कैसे हुई पिक्चर देखने के लिए हाँ करने की?” मुझसे हाथ जोड़ के बीच सड़क में माफ़ी मंगवाई सिर्फ इसलिए क्युकी मैं ये भूल गया की गुरूजी को आना है? और भूला भी नहीं था मैं. हमारे घर में वो जब मर्ज़ी तब आते थे. क्युकी सब teachers को पता होता था की मैं घर पे ही मिलूँगा. इतनी insult मेरी तबले वाले गुरूजी ने की है…की मैं तबले तो देख नहीं सकता अब. मुझे नफरत है, तबले से, और आपके झोंके हुए संगीत से. इतना डर था मुझे आप लोगो की insult से, की मैं एक दिन खुद की जान ले लेता…मैंने उस तबले को अपने सर पे पीटा है. मैं भूल नहीं सकता आप कितनी बेईज्ज़ती किसी कमज़ोर की कर सकते हो. मेरी BTech ख़तम होने से शादी तक 5 साल जब आपका कोई control मुझ पर नहीं था… मैं आज़ाद था. न मेरी तबियत ख़राब थी, न वज़न जादा था. शादी के बाद सब बदल गया. आप को वापस मुझपर मेरी बीवी के ज़रिये control मिल गया, और मैं वापस वहीँ पहुच गया. अब मेरी जगह मेरी बीवी ने ले लि है, मौका ताड़ के आप insult करते है, power exert करते हो. दो साल से मैं अपनी बीवी को रोते देख रहा हु…सिर्फ इसलिए क्युकी मैं नहीं चाहता था की कुछ ऐसी बात हो जिससे आप लोगो को दुःख पहुचे. आप कहते हो की आयुषी भाभी से बात करे, भाभी भी insult करती है. हम उनके बच्चे के लिए Gift card ले के आते हैं, तो कहती है तुम तो बड़े रईस हो. सूट लेते हैं तू मुह बनाती है. और insult तो वो शादी के पहले से करती आ रही है. वो भी और भैया भी. जब मैंने Noida में आपके operation के time कहा था की नौकरी बदलने के मन कर रहा है, तो भैया भाभी ने कहा था की तुम डर के भाग रहे हो. इन सब वजह से मैं बात नहीं करता. ये सब बातें मैं पहले बताना चाहता था, मगर आपको दुःख पहुचाने से रोकने के लिए मैं लगातार तकलीफ झेल रहा हु और आयुषी उससे जादा तकलीफ सह रही है. मैं और तकलीफ नहीं झेल सकता. मुझे मेरी आज़ादी वापस चाहिए…और बेहतर यही होगा, की आप आयुषी को भी आजाद कर दो…मुझे Divorce चाहिए. सोच लीजिये, और बताइए.
I disconnect the phone. Further conversations will happen in a parallel universe. There will be an outcome. But I don’t know what happens in that world. In my world, I just wrote this piece and moved on as a coward. The coward that my parents made me. Because I’m more worried about their health, and their feelings than my own.